छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में ऐतिहासिक दिन: आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंचेगी रेल, दो नई यात्री सेवाओं का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में ऐतिहासिक दिन: आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंचेगी रेल, दो नई यात्री सेवाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेल लाइन का उद्घाटन; रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास, बस्तर के विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर 2026 का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच दो नई यात्री रेल सेवाओं का शुभारंभ भी होगा। वहीं, राजधानी रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी जाएगी।

कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। इन रेल परियोजनाओं को बस्तर, दक्षिण छत्तीसगढ़ और धमतरी क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रावघाट तक रेल पहुंचना बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचना केवल रेल नेटवर्क का विस्तार नहीं है, बल्कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं का विस्तार होगा। बेहतर परिवहन संपर्क से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक आधुनिक परिवहन सुविधाएं पहुंचें तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो।

1,628 करोड़ रुपये की लागत से बनी 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन

दल्लीराजहरा से रावघाट के मध्य लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का कार्य पूरा किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ ही महत्वपूर्ण रेल संपर्क परियोजना पूर्ण हो गई है।

रावघाट तक रेल पहुंचने से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के लिए आवागमन आसान होने की संभावना है। रेल संपर्क स्थापित होने से औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लौह अयस्क परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए भी अहम

रावघाट क्षेत्र लौह अयस्क की उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने का औद्योगिक महत्व भी है। इससे लौह अयस्क के परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र सहित देश के इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

रेल संपर्क के विस्तार से खनिज परिवहन को सुगम बनाने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

अभनपुर-कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा

धमतरी क्षेत्र के लिए भी 20 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य पूरा हो गया है। इस रेल लाइन का उद्घाटन होने से क्षेत्र में रेल संपर्क का विस्तार होगा और यात्रियों को राजधानी रायपुर तक आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।

परियोजना के शेष हिस्से कुरूद-धमतरी सेक्शन में काम प्रगति पर है। इसके पूरा होने के बाद इस रेल मार्ग पर कनेक्टिविटी और बेहतर होने की संभावना है।

रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच शुरू होंगी नई यात्री ट्रेनें

नई यात्री रेल सेवाओं के शुभारंभ से बस्तर और धमतरी क्षेत्र के यात्रियों को रेल परिवहन का नया विकल्प मिलेगा। रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच शुरू होने वाली इन सेवाओं से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेल सुविधा उपलब्ध होने से शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, कृषि और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। सड़क मार्ग पर निर्भर यात्रियों को रेल से यात्रा करने का विकल्प मिलने से क्षेत्रीय आवागमन में सुविधा बढ़ेगी।

रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास

राजधानी रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी जाएगी। इस आधुनिक सुविधा के विकसित होने पर भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी।

इस सुविधा से रेल इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था मजबूत करने, रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने और बढ़ती माल परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना प्रदेश में रेलवे की तकनीकी और परिचालन संबंधी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नई रेल परियोजनाओं से विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नई रेल लाइनें, यात्री सेवाएं और आधुनिक रेल अधोसंरचना छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई गति देंगी। रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

रावघाट तक रेल की सीटी अब केवल यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि बस्तर में विकास, विश्वास और नई संभावनाओं के एक नए दौर का प्रारंभ है