भाजपा पंडरापाठ मंडल में संगठनात्मक विवाद, एंट्री सूची को लेकर आरोप–प्रत्यारोप ,कार्यकर्ता ने लगाया नाम हटाने का आरोप, मंडल अध्यक्ष ने सभी आरोपों को किया खारिज ,वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई लिखित शिकायत
जशपुर बगीचा/ जशपुर जिले के पंडरापाठ भाजपा मंडल में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। एक ओर जहां भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष देवलाल भगत पर माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम की एंट्री सूची से नाम जानबूझकर हटवाने और उपेक्षा करने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर मंडल अध्यक्ष ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है।
आरोप लगाने वाले कार्यकर्ता का कहना है कि उसे कार्यक्रम में शामिल होने की पूर्व सूचना दी गई थी, लेकिन सभा स्थल पर पहुंचने के बाद यह कहकर प्रवेश से रोक दिया गया कि उसका नाम सूची में नहीं है। कार्यकर्ता का दावा है कि यह कार्रवाई पूर्वाग्रह के तहत की गई। हालांकि किसी के आग्रह पर उन्हें माल्यार्पण करने दिया गया।
वहीं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंडल अध्यक्ष देवलाल भगत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी कार्यकर्ता का नाम एंट्री सूची से नहीं हटाया गया है और न ही किसी को उपेक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सूची प्रशासनिक स्तर पर तैयार होती है और मंडल स्तर से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया।
इसी बीच गत दिवस भाजपा जिला उपाध्यक्ष जशपुर उपेन्द्र यादव एवं पंडरापाठ मंडल प्रभारी व जिला पंचायत सदस्य गेंद बिहारी सिंह महाराज को मंडल की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर लिखित जानकारी सौंपी गई। यह जानकारी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अशोक यादव द्वारा दी गई, जिसमें मंडल की वर्तमान कार्यप्रणाली और संगठनात्मक गति-विधि से जुड़े बिंदुओं का उल्लेख किया गया।
इस दौरान वर्ष 2008 के संघर्ष काल से जुड़े पंडरापाठ मंडल के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने संगठन की एकता बनाए रखने और आपसी संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
फिलहाल यह मामला पार्टी के आंतरिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि वरिष्ठ नेतृत्व तथ्यों की समीक्षा के बाद क्या निर्णय लेता है और क्या इस विवाद का कोई औपचारिक समाधान निकलता है।