गुरुजनों के मार्गदर्शन से समाज और राष्ट्र को मिलती है सही दिशा : मंत्री टंक राम वर्मा

गुरुजनों के मार्गदर्शन से समाज और राष्ट्र को मिलती है सही दिशा : मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर। राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने नेवरा स्थित पी.एम. श्री कन्या शाला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शिरकत की। पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व व कृतित्व को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने के संस्कार भी गढ़ते हैं। मस्तिष्क और बुद्धि के सर्वांगीण विकास के लिए गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से लेकर आधुनिक युग तक, जब भी समाज या राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां आई हैं, गुरुजनों ने ही सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शेड, बाउंड्रीवॉल, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं।

शिक्षकों का सम्मान हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा

मंत्री श्री वर्मा ने शिक्षक सम्मान समारोह और अपने गुरुजनों से मुलाकात का स्मरण करते हुए कहा कि गुरुजनों का सम्मान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का मूल आधार है।

उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों के निपटारे और सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका होती थी। वर्तमान तकनीकी युग में व्यस्तता भले ही बढ़ी है, लेकिन समाज को समय देकर ग्रामीण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

तहसीलदारों को भी मिली रिकॉर्ड त्रुटियों के निपटारे की शक्ति

राजस्व विभाग की छवि सुधारने के लिए किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि मैन्युअल से ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करते समय हुई त्रुटियों के जल्द निपटारे के लिए अधिकारों का विस्तार किया गया है और तहसीलदारों को भी शक्तियां दी गई हैं।

द्वितीय अपील की सुनवाई का अधिकार अब कमिश्नर के स्थान पर सीधे जिला कलेक्टर को सौंपा गया है।

अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए 5 डिसमिल से कम जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है। वहीं फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए तहसील कार्यालयों को पंजीयन कार्यालय से ऑनलाइन जोड़ा गया है और रजिस्ट्री के समय ओटीपी अनिवार्य किया गया है।

रजिस्ट्री के बाद स्वतः शुरू होगा नामांतरण

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसानों को किसान पुस्तिका के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि इसे ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है।

भू-स्वामी अपने जीवनकाल में ही भूमि का बंटवारा कर सकते हैं। भारतमाला जैसी बड़ी परियोजनाओं में भू-माफियाओं के अनुचित लाभ को रोकने के लिए अधिसूचना जारी होते ही संबंधित क्षेत्र की खरीद-बिक्री पर रोक का प्रावधान किया गया है। इससे वास्तविक किसानों को पारदर्शी मुआवजा मिल सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी मिली गति

उच्च शिक्षा विभाग के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू कर शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था के लिए 40 गांवों हेतु 2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा 100 गांवों के तालाबों में पक्के चबूतरों का निर्माण, 40 गांवों में महतारी सदन का निर्माण और सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाओं के लिए भवन निर्माण स्वीकृत कराए गए हैं।

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जनसेवा के इन कार्यों में वरिष्ठों और गुरुजनों का मार्गदर्शन सदैव सर्वोपरि रहेगा।