राज्योत्सव के निमंत्रण पत्र में छत्तीसगढ़ महतारी का छायाचित्र शामिल हो, प्रदेश की अस्मिता और संस्कृति का सम्मान जरूरी: मनमोहन भगत

राज्योत्सव के निमंत्रण पत्र में छत्तीसगढ़ महतारी का छायाचित्र शामिल हो, प्रदेश की अस्मिता और संस्कृति का सम्मान जरूरी: मनमोहन भगत

जशपुर। जिला कांग्रेस कमेटी जशपुर के महामंत्री मनमोहन भगत ने जिला प्रशासन द्वारा जारी राज्योत्सव के निमंत्रण पत्र में छत्तीसगढ़ महतारी का छायाचित्र शामिल नहीं किए जाने पर अपनी बात रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी प्रदेश की संस्कृति, परंपरा, स्वाभिमान और अस्मिता का प्रतीक हैं। राज्योत्सव जैसे गौरवशाली अवसर पर उनके छायाचित्र को स्थान दिया जाना प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के सम्मान का प्रतीक होगा।

मनमोहन भगत ने कहा कि राज्योत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, समृद्ध संस्कृति और जनभावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी का स्मरण और सम्मान प्रदेशवासियों के लिए विशेष महत्व रखता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति प्रदेश की जनता की गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव है। राज्योत्सव के निमंत्रण पत्र में उनका छायाचित्र शामिल होने से आयोजन की गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।

मनमोहन भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता को सम्मान देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य की गौरवशाली पहचान को आगे बढ़ाने के लिए शासन और प्रशासन को ऐसे प्रतीकों को विशेष महत्व देना चाहिए, जिनसे प्रदेश की जनता की भावनाएं जुड़ी हुई हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ शासन से आग्रह किया कि राज्योत्सव के निमंत्रण पत्र में छत्तीसगढ़ महतारी का छायाचित्र शामिल नहीं किए जाने के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं के अनुरूप आवश्यक पहल की जाए।

मनमोहन भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है। राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और अस्मिता के प्रतीकों को उचित स्थान देकर प्रदेश के गौरव को और बढ़ाया जाना चाहिए।

मनमोहन भगत
महामंत्री
जिला कांग्रेस कमेटी, जशपुर