जशपुर: 13 माह तक चना और महीनों शक्कर वितरण नहीं, निलंबन के बाद भी नहीं छोड़ी दुकान; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा ,ग्रामीणों ने गोदाम में लगाया ताला
जशपुर: जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लोरो में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की उचित मूल्य दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बगीचा द्वारा 10 जून 2026 को जारी निलंबन आदेश के बावजूद अब तक ग्राम पंचायत को दुकान का प्रभार नहीं सौंपे जाने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को पीडीएस गोदाम में ताला जड़ दिया। इस दौरान सरपंच, उपसरपंच, पंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य निरीक्षक सन्ना द्वारा की गई जांच में ग्राम लोरो की उचित मूल्य दुकान का संचालन कर रहे कमल स्वयं सहायता समूह के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि हितग्राहियों को लगभग 13 माह से चना वितरण नहीं किया गया, जबकि पिछले 6 से 7 माह से शक्कर का वितरण भी बंद था। शिकायतों के आधार पर जांच की गई और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन समूह द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बगीचा ने 10 जून 2026 को आदेश जारी करते हुए कमल स्वयं सहायता समूह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जांच पूरी होने एवं आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत लोरो द्वारा पीडीएस दुकान का संचालन किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश जारी होने के करीब 50 दिन बाद भी निलंबित समूह ने दुकान का प्रभार ग्राम पंचायत को नहीं सौंपा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो रही है और हितग्राहियों को समय पर राशन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आदेश का पालन नहीं होने से आक्रोशित ग्राम पंचायत लोरो के सरपंच, उपसरपंच, पंच एवं ग्रामीणों ने पीडीएस गोदाम में ताला लगाकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर एसडीएम के आदेश का पालन कराने तथा ग्राम पंचायत को विधिवत प्रभार दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब सक्षम अधिकारी द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया जा चुका है, तब उसके बावजूद आदेश का पालन नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से ताला लगाए जाने के बाद कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ग्राम पंचायत को पीडीएस दुकान का संचालन कब तक सौंपा जाता है।