जशपुर: क्षेत्र ने खोया अपना कलमकार, वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक

जशपुर: क्षेत्र ने खोया अपना कलमकार, वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक

पत्थलगांव/जशपुर: जशपुर जिले की पत्रकारिता जगत ने अपने एक वरिष्ठ, अनुभवी और समर्पित कलमकार को खो दिया। वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा का आज प्रातः 5 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पत्थलगांव सहित पूरे जशपुर जिले के पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई।

रमेश शर्मा लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे और लगभग पांच दशकों का उनका पत्रकारिता जीवन क्षेत्र की पत्रकारिता के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय रहा। उन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज और आम जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी के रूप में निभाया। उनकी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में रही, जिसकी कलम जनसरोकार, निष्पक्षता और निर्भीकता के लिए जानी जाती थी।

जनहित के मुद्दों को बनाया पत्रकारिता का केंद्र

रमेश शर्मा ने अपने पत्रकारिता जीवन के दौरान ग्रामीण अंचलों से लेकर सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अनेक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। आम आदमी की परेशानियां, जरूरतमंदों की समस्याएं और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उनकी पत्रकारिता के केंद्र में रही।

उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से उन विषयों को सामने लाने का प्रयास किया, जिन्हें अक्सर व्यवस्था की भागदौड़ में नजरअंदाज कर दिया जाता है। यही कारण रहा कि क्षेत्र के लोगों में उनकी पत्रकारिता के प्रति भरोसा बना रहा।

सत्ता और व्यवस्था से सवाल करने का साहस

पत्रकारिता में लंबे अनुभव के बावजूद रमेश शर्मा ने अपनी लेखनी को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। सत्ता हो या प्रशासनिक व्यवस्था, जनहित से जुड़े सवालों पर उन्होंने अपनी बात मजबूती से रखने का प्रयास किया।

उनकी पत्रकारिता में आलोचना के साथ-साथ समाज और व्यवस्था को बेहतर बनाने की चिंता भी दिखाई देती थी। वे छोटी से छोटी स्थानीय समस्या को भी गंभीरता से लेते थे, क्योंकि उनका मानना था कि किसी आम नागरिक के लिए वही समस्या सबसे बड़ी होती है।

अस्वस्थता के बावजूद पत्रकारिता से जुड़ाव रहा कायम

जीवन के अंतिम दौर में अस्वस्थता ने भले ही उनकी सक्रियता को प्रभावित किया हो, लेकिन पत्रकारिता के प्रति उनका लगाव और समर्पण अंतिम समय तक बना रहा। लंबे समय तक पत्रकारिता में सक्रिय रहने वाले रमेश शर्मा ने अपने पीछे अनुभव, विचार और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण विरासत छोड़ी है।

उनका निधन केवल एक पत्रकार का निधन नहीं, बल्कि उस पीढ़ी के एक महत्वपूर्ण कलमकार का जाना है, जिसने सीमित संसाधनों के दौर में भी पत्रकारिता को जनहित की आवाज बनाने का काम किया।

जशपुर की पत्रकारिता को अपूरणीय क्षति

रमेश शर्मा के निधन को जशपुर जिले की पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उनके लेखन और जनसरोकार से जुड़े प्रयासों ने अनेक सामाजिक मुद्दों को सामने लाने और आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके जाने से पत्रकारिता जगत में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उनकी निर्भीक लेखनी, सहज व्यक्तित्व और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता लंबे समय तक पत्रकारों और क्षेत्रवासियों की स्मृतियों में बनी रहेगी।

पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने जताया शोक

रमेश शर्मा के निधन की खबर मिलते ही पत्रकार साथियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। लोगों ने उनके निधन को क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाज और पत्रकारिता को समर्पित किया।

शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि रमेश शर्मा जैसे वरिष्ठ पत्रकारों का जाना पत्रकारिता के उस दौर का समाप्त होना है, जिसमें सीमित साधनों के बावजूद जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना ही पत्रकारिता का मूल उद्देश्य माना जाता था।

सभी ने दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

विनम्र श्रद्धांजलि

रमेश शर्मा की कलम भले ही आज थम गई हो, लेकिन जनसरोकारों के लिए उनके द्वारा उठाई गई आवाज और पत्रकारिता के प्रति उनका समर्पण लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।