रायपुर: स्मार्ट मीटर से बिजली खपत नहीं बढ़ती, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई
रायपुर: स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेशभर में फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने बड़ा खुलासा किया है। कंपनी द्वारा रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की तीन माह की बिजली खपत का विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन कराया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्मार्ट मीटर बिजली की खपत नहीं बढ़ाते, बल्कि उपभोक्ता द्वारा वास्तविक उपयोग की गई बिजली ही दर्ज करते हैं। अध्ययन में जुलाई 2026 के दौरान अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि इनके लगने के बाद बिजली की खपत और बिल बढ़ रहे हैं। इन दावों की वास्तविकता जानने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में मई, जून और जुलाई 2026 की बिजली खपत का विश्लेषण कराया गया। अध्ययन के परिणामों से स्पष्ट हुआ कि बिजली बिल में वृद्धि का कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर तथा अन्य विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग था।
रायपुर में जुलाई में 28 प्रतिशत कम हुई बिजली खपत
रायपुर शहर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगे 3 लाख 11 हजार 374 घरेलू उपभोक्ताओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार 1 जून से 26 जून 2026 के बीच कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी, जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। यानी जुलाई माह में बिजली खपत में लगभग 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
विशेष रूप से 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओं के विश्लेषण में पाया गया कि उनकी बिजली खपत में लगभग 44 प्रतिशत तक कमी आई। इससे स्पष्ट होता है कि बिजली की खपत मौसम और उपयोग पर निर्भर करती है, न कि स्मार्ट मीटर पर।
सामान्य मीटर वाले उपभोक्ताओं में भी यही स्थिति
पावर कंपनी ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, उनके सामान्य मीटरों में भी अप्रैल, मई और जून 2026 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में बिजली खपत अधिक दर्ज हुई। वहीं जुलाई माह में उन्हीं मीटरों में खपत स्वतः कम हो गई। इससे यह साबित होता है कि स्मार्ट मीटर अधिक यूनिट दर्ज नहीं कर रहे, बल्कि वास्तविक बिजली उपयोग के अनुसार ही रीडिंग रिकॉर्ड कर रहे हैं।
उदाहरणों से समझाया अंतर
कंपनी ने रायपुर के अवंती विहार, राजीव नगर और कचना क्षेत्र के कुछ उपभोक्ताओं के आंकड़े भी साझा किए। इन उपभोक्ताओं की अप्रैल, मई और जून 2026 की बिजली खपत वर्ष 2025 की तुलना में काफी अधिक रही, क्योंकि गर्मी के कारण बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ गया था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बिजली बिल में वृद्धि का कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि वास्तविक बिजली उपयोग है।
दुर्ग में 53 प्रतिशत तक घटी खपत
दुर्ग शहर के 400 यूनिट से अधिक मासिक बिजली उपयोग करने वाले 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का भी अध्ययन किया गया। मई 2026 में इनकी कुल बिजली खपत 1 लाख 75 हजार 451 यूनिट, जून में 1 लाख 65 हजार 411 यूनिट तथा जुलाई में घटकर केवल 76 हजार 257 यूनिट रह गई। यानी जुलाई में लगभग 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
बिलासपुर में भी सामने आया समान परिणाम
बिलासपुर सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9 हजार 717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट तथा जुलाई में घटकर केवल 312 यूनिट रह गई। यानी जुलाई में औसतन 43 प्रतिशत कम बिजली खपत दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना का मिलेगा अधिक लाभ
पावर कंपनी ने बताया कि गर्मी के महीनों में एयर कंडीशनर का अधिक उपयोग करने वाले कई उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट से ऊपर चली जाती है। ऐसे उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं ले पाते, जिससे उनका बिजली बिल अधिक दिखाई देता है। लेकिन जुलाई में खपत कम होने के कारण अब बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है और अगस्त में जारी होने वाले बिजली बिलों में देय राशि भी कम आएगी।
सप्लाई अफोर्डिंग शुल्क को लेकर भी किया बड़ा बदलाव
कंपनी ने बताया कि कई उपभोक्ताओं के यहां स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग होने पर लगातार तीन माह तक उच्चतम मांग दर्ज होने की स्थिति में बिजली बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग शुल्क जोड़ा जा रहा था। इसी कारण कुछ उपभोक्ताओं के बिल अधिक आ रहे थे।
अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता के यहां लगातार तीन माह तक स्वीकृत भार से अधिक मांग दर्ज होती है, तो सप्लाई अफोर्डिंग की राशि वर्ष में केवल एक बार दिसंबर माह के बिल (जो जनवरी में जारी होगा) में जोड़ी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को हर माह अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
मोर बिजली ऐप से रोजाना देखें अपनी खपत
पावर कंपनी ने उपभोक्ताओं से मोर बिजली ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता इस ऐप के माध्यम से अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं। वहीं सामान्य मीटर वाले उपभोक्ता भी ऐप के माध्यम से अपनी मासिक बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
4500 चेक मीटरों में भी नहीं मिला कोई अंतर
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए कंपनी द्वारा चेक मीटर भी लगाए जा रहे हैं। अब तक लगाए गए लगभग 4500 चेक मीटरों की रीडिंग की तुलना स्मार्ट मीटर से की गई, जिसमें दोनों की खपत पूरी तरह समान पाई गई। इससे स्मार्ट मीटर की सटीकता की पुष्टि हुई है।
1912 पर करें शिकायत, अफवाहों से बचें
बिजली बिल या स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या शंका होने पर उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। पावर कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
कंपनी ने कहा कि वह पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम या गलतफहमी दूर हो सके।