विभागीय कसावट और कड़ी निगरानी के लिए 16 उप संभागीय, 2 संभागीय और 1 सेतु मंडल कार्यालय को मिली मंजूरी

विभागीय कसावट और कड़ी निगरानी के लिए 16 उप संभागीय, 2 संभागीय और 1 सेतु मंडल कार्यालय को मिली मंजूरी

रायपुर। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कों, भवनों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को गति देने के साथ ही गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) का विस्तार किया जा रहा है। राज्य शासन ने विभाग के 16 उप संभागीय, 2 संभागीय और 1 सेतु मंडल कार्यालय के साथ इनके लिए आवश्यक सेट-अप की स्वीकृति प्रदान की है।

इनमें अधिकांश कार्यालय दूरस्थ क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। नए कार्यालयों के शुरू होने से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, विभागीय समन्वय और कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।

सेतु निर्माण के लिए 9 नए कार्यालय मंजूर

राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र के अंतर्गत 9 नए कार्यालयों की स्वीकृति दी है। इनमें जगदलपुर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय तथा रायपुर में कार्यपालन अभियंता, सेतु संभाग क्रमांक-2 का कार्यालय शामिल है।

इसके अलावा बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, बालोद, मुंगेली, सारंगढ़ और बैकुंठपुर में अनुविभागीय अधिकारी (सेतु उप संभाग) के कार्यालय प्रारंभ किए जाएंगे। इससे दूरस्थ जिलों में पुल-पुलियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी स्थानीय स्तर पर बेहतर हो सकेगी।

सड़क और भवन निर्माण के लिए 10 नए कार्यालय

भवन एवं सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए भी 10 नवीन कार्यालयों को मंजूरी दी गई है। इनमें बैकुंठपुर में कार्यपालन अभियंता (कोरिया संभाग) का कार्यालय तथा फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग, खड़गवां, सोनहत और बलौदाबाजार में अनुविभागीय अधिकारी (उप संभाग) के कार्यालय शामिल हैं।

नए कार्यालयों की स्थापना से दूरस्थ क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की मौजूदगी मजबूत होगी और सड़क, भवन तथा पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की निगरानी और विभागीय कार्यों के निष्पादन में और अधिक कसावट आने की संभावना है।