जशपुर : जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र समय सीमा में जारी करने के कलेक्टर रोहित व्यास ने दिए सख्त निर्देश
जशपुर। कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रणाली की अंतर्विभागीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के जन्म और मृत्यु पंजीकरण के संशोधित नियम वर्ष 2023 के तहत जिले में संचालित पंजीकरण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और रजिस्ट्रारों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु संबंधी अभिलेख स्थायी प्रकृति के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, इसलिए इनके पंजीयन और सुरक्षित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में बताया गया कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में घरेलू और संस्थागत जन्म-मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन भारत सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर किया जाता है। पंजीयन के बाद बारकोड एवं क्यूआर कोड युक्त जन्म अथवा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करते हैं, जबकि नगरीय क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा शासकीय चिकित्सालयों में संबंधित प्रभारी अधिकारी पोर्टल पर जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन करते हैं। निजी चिकित्सालयों से संबंधित पंजीयन की जिम्मेदारी संबंधित ग्रामीण अथवा नगरीय क्षेत्र के रजिस्ट्रार की होती है।
पुराने प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन प्रारूप में बदलने की सुविधा
वर्तमान में आधार कार्ड सहित विभिन्न कार्यों के लिए बारकोड युक्त नए प्रारूप के जन्म प्रमाण पत्रों की मांग बढ़ने के कारण पुराने हस्तलिखित प्रमाण पत्रों को नए ऑनलाइन प्रमाण पत्र में परिवर्तित करने की प्रक्रिया भी बैठक में स्पष्ट की गई।
इसके लिए आवेदक को अपना पुराना मूल प्रमाण पत्र संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करना होगा। संबंधित क्षेत्र के रजिस्ट्रार के माध्यम से पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। रजिस्ट्रार प्रमाण पत्र की पीडीएफ और पंजीयन के दौरान भरे गए मूल प्रपत्र के विधिक भाग सहित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करेंगे। जिला रजिस्ट्रार कार्यालय से अनुमोदन के बाद नया ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पुराने प्रमाण पत्रों को नए ऑनलाइन प्रारूप में परिवर्तित करने की यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
जन्म पंजीयन में बगीचा सीएचसी प्रथम
जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु द्वारा बैठक में बताया गया कि वर्तमान कैलेंडर वर्ष के सात माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा ने सर्वाधिक 382 जन्म पंजीयन कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव दूसरे स्थान पर है।
इसी प्रकार जिले के 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिछली ने 108 जन्म पंजीयन के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरंगपानी ने 78 जन्म पंजीयन कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में इसी अवधि में केवल 72 जन्म पंजीयन होने पर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आरा, कस्तूरा और कुंजारा में न्यूनतम 12-12 जन्म पंजीयन दर्ज होने को लेकर भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
अभिलेखों के सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर
कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी रजिस्ट्रारों को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कार्य गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु के अभिलेख स्थायी दस्तावेज हैं, इसलिए उनका सुरक्षित संधारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण रजिस्ट्रारों के स्थानांतरण अथवा सेवानिवृत्ति की स्थिति में जन्म एवं मृत्यु संबंधी अभिलेखों के सुरक्षित हस्तांतरण और संधारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि सभी रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के मूल अभिलेखों में अपनी पदमुद्रा के साथ हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से करें, ताकि अभिलेखों की प्रमाणिकता और सुरक्षित रिकॉर्ड व्यवस्था बनी रहे।