जशपुर: कथित पत्रकार अमित पांडे पर गैर-जमानती धाराओं में FIR, यू.डी. मिंज की शिकायत से मचा हड़कंप ,फेसबुक पोस्टों के जरिए साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाने और राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल माहौल बनाने का आरोप,पुलिस ने शुरू की जांच

जशपुर: कथित पत्रकार अमित पांडे पर गैर-जमानती धाराओं में FIR, यू.डी. मिंज की शिकायत से मचा हड़कंप ,फेसबुक पोस्टों के जरिए साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाने और राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल माहौल बनाने का आरोप,पुलिस ने शुरू की जांच

जशपुर जिले के कुनकुरी थाने में कथित पत्रकार अमित पांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमदान (यू.डी.) मिंज की शिकायत के आधार पर की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमित पांडे अपने सार्वजनिक फेसबुक अकाउंट “Amit Pandey” से पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसी पोस्ट और वीडियो प्रसारित कर रहे थे, जिनसे साम्प्रदायिक सौहार्द और लोक शांति प्रभावित होने की आशंका है। शिकायत के आधार पर कुनकुरी पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पोस्टों को लेकर गंभीर आरोप

यू.डी. मिंज की शिकायत में अमित पांडे के फेसबुक अकाउंट से प्रकाशित कई पोस्ट और वीडियो का उल्लेख किया गया है। इनमें कथित तौर पर “उत्तमदान (UD) मिंज ने कांग्रेस में उभरने वाले हर हिंदू नेता को पीटा और पिटवाया। कभी सोचे ऐसा क्यों” जैसी टिप्पणी वाली पोस्ट का जिक्र है।

इसके अलावा “जशपुर में कांग्रेस की बर्बादी के प्रमुख जिम्मेदार UD मिंज के नेतृत्व में होगा कांग्रेस का अंतिम संस्कार। Coming soon” तथा “UD मिंज की तानाशाही ने मचा दिया सियासी कत्लेआम” जैसे शीर्षकों वाली सामग्री का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है।

शिकायत में “UD मिंज के विधायक कार्यकाल के दौरान समुदाय विशेष के गुंडों ने कितना दुर्गंध मचाया था”, “छल और षडयंत्र के कथित शहंशाह उत्तमदान (UD) मिंज के कर कमलों से सम्पन्न” और “आक्रोश” शीर्षक से एक वीडियो पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है।

इसके साथ ही अंजुमन इस्लामिया कमेटी, कुनकुरी के पत्र की छायाप्रति तथा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुनकुरी के एक आंतरिक पत्र की छायाप्रति सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

धर्म और समुदाय के आधार पर वैमनस्य फैलाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ पोस्टों में धर्म और समुदाय से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा एवं वैमनस्य उत्पन्न करने तथा राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल भावना भड़काने का प्रयास किया गया।

वहीं, यू.डी. मिंज के खिलाफ की गई अन्य पोस्टों को शिकायत में असत्य, अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इन पोस्टों का उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना और लोगों में उनके प्रति विद्वेष पैदा करना था।

मुख्य षडयंत्रकारी की भूमिका की भी जांच की मांग

शिकायत में सोशल मीडिया पोस्टों की लगातार पुनरावृत्ति, स्थानीय एवं आंतरिक दस्तावेजों के इस्तेमाल और सामग्री की कथित संगठित प्रस्तुति का हवाला देते हुए यह भी आशंका जताई गई है कि अमित पांडे किसी अन्य व्यक्ति के कहने या इशारे पर यह अभियान चला रहे हैं।

इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने पुलिस से कथित मुख्य षडयंत्रकारी, दुष्प्रेरक और सहयोगियों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच करने तथा साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196(1), 197(1), 353(1), 196(2), सहपठित धारा 61(2) एवं 45/49 का उल्लेख किया गया है।

शिकायत में धारा 196 के तहत धर्म एवं वर्ग आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने, धारा 197 के तहत राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल अभिकथन तथा धारा 353 के तहत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कथित असत्य कथनों एवं लोक अपकार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। वहीं धारा 61(2) के तहत आपराधिक षडयंत्र और धारा 45/49 के तहत दुष्प्रेरण की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

फेसबुक से इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

मामला सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जुड़ा होने के कारण शिकायत में Meta Platforms/Facebook से विवादित पोस्ट, वीडियो, लॉग्स, IP एड्रेस, मोबाइल नंबर, ई-मेल और अन्य संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

इसके अलावा कथित रूप से इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर साक्ष्य जुटाने तथा मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने की भी मांग की गई है।

गौरतलब है कि अमित पांडे के सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर पहले भी जिले के अलग-अलग थानों में शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है। वहीं अग्रवाल समाज से जुड़ी कथित टिप्पणी के मामले में पत्थलगांव थाने में शिकायत के बाद विवाद और हंगामे की स्थिति भी बनी थी।

फिलहाल कुनकुरी पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। मामले में जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नोट: खबर में लगाए गए आरोप शिकायत एवं एफआईआर में दर्ज विवरण पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि और मामले में आगे की स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।