संकुल संगठन ने कराया आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीयन, अब घर-घर पहुंचकर सोलर पैनल लगा रहीं प्रशिक्षित महिलाएं

संकुल संगठन ने कराया आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीयन, अब घर-घर पहुंचकर सोलर पैनल लगा रहीं प्रशिक्षित महिलाएं

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में ग्रामीण स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के तहत सोलर दीदी के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी अब सोलर दीदी के रूप में तकनीकी कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार” के सेवा संकल्प के साथ शुरू की गई यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती देने के साथ उन्हें रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम दसरमा में हितग्राही तारनी घृतलहरे के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।

यह पूरी कार्ययोजना कलेक्टर कुलदीप शर्मा एवं जिला पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं के लाभ तक सीमित न रखकर उन्हें सौर ऊर्जा आधारित तकनीकी कार्यों में रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।

संकुल संगठन ने कराया सोलर वेंडर पंजीयन

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बिहान के तहत गठित संकुल स्तरीय संगठन ने स्वयं को आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया है।

वेंडर पंजीयन के बाद बिहान की प्रशिक्षित सोलर दीदियां सीधे ग्राउंड लेवल पर जाकर हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का कार्य संभाल रही हैं। इससे महिलाओं को सौर ऊर्जा से जुड़े तकनीकी कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिलने के साथ रोजगार का अवसर भी मिल रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण

सोलर दीदियों द्वारा किए जा रहे इस कार्य से ग्रामीण महिलाओं में तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल का विकास हो रहा है। एक ओर जहां इससे स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को बिजली बिल में राहत मिल रही है।

इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को नई तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।