रायपुर: झीरम घाटी के 10 दोषियों को मृत्युदंड, मुख्यमंत्री साय ने बताया न्याय की जीत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने झीरम घाटी हत्याकांड मामले में दोषी पाए गए सभी 10 माओवादियों को जगदलपुर NIA कोर्ट द्वारा मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने को न्याय की जीत बताया है। विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर को मामले में सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा है कि झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का वह पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी कटु स्मृतियां हमें लंबे समय तक पीड़ा देती रहेंगी। इस जघन्य कम्युनिस्ट हिंसा में हमने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों को भी खोया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में दोषी पाए गए सभी दस माओवादियों को जगदलपुर NIA कोर्ट द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत है। NIA ने जिस तरह इस जांच को अंजाम तक पहुंचाया, उसकी भी सराहना होनी चाहिए।
सशस्त्र माओवाद के चंगुल से मुक्त हुआ प्रदेश : साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के लौह संकल्प और उनके दृढ़ नेतृत्व में हमने सशस्त्र माओवाद के चंगुल से प्रदेश को मुक्त कराया है। दशकों से माओवादी हिंसा झेल रहा बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर विशेषकर जनजाति समाज की लाश पर राजनीति करने वालों और आतंक को बौद्धिक एवं वैचारिक समर्थन देने वालों के लिए आत्मचिंतन का भी अवसर है। दिमागी नक्सल भी यह जान लें कि निहित स्वार्थ के कारण किसी भी आतंक को प्रश्रय और आसरा देने का परिणाम सबके लिए विनाशकारी ही होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध लड़ने वाले आतंक का भस्मासुर किसी विचार या क्षेत्र की सरहद को नहीं मानता है। यह समझकर उन्हें अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए।
दिवंगतों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री श्री साय ने झीरम घाटी के क्रूर हमले में प्राण गंवाने वाले सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी है।