जशपुर: 17 से 19 अगस्त तक तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने सपरिवार शामिल होने की अपील की
जशपुर: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर बगिया स्थित मैनी नदी तट के श्री फलेश्वर नाथ मंदिर में तीन दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। यहां 1 लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग का पूजन होगा। आयोजन 17 से 19 अगस्त तक चलेगा।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पार्थिव शिवलिंग निर्माण, विधि-विधान से पूजन, अभिषेक, आरती, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
17 से 19 अगस्त तक होंगे विशेष अनुष्ठान
17 अगस्त, सोमवार को पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक के साथ आरती और प्रसाद वितरण होगा।
18 अगस्त, मंगलवार को भी पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण होगा।
19 अगस्त, बुधवार को आयोजन के अंतिम दिन पार्थिव शिवलिंग पूजन के साथ विशेष पूर्णाहुति संपन्न होगी। इसके बाद आरती एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।
कौशल्या साय ने की सपरिवार शामिल होने की अपील
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने क्षेत्रवासियों और शिव भक्तों से धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का पवित्र अवसर है। श्री फलेश्वर नाथ मंदिर में होने वाले 1 लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग पूजन में श्रद्धालु सपरिवार शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें। उन्होंने क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया।
तीन दिनों तक भक्तिमय रहेगा मंदिर परिसर
मैनी नदी के तट पर स्थित श्री फलेश्वर नाथ मंदिर में तीन दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना के चलते भक्तिमय वातावरण रहेगा। बड़ी संख्या में पार्थिव शिवलिंगों के पूजन को लेकर मंदिर परिसर में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
आयोजन समिति ने सभी शिव भक्तों से 17, 18 एवं 19 अगस्त को सपरिवार श्री फलेश्वर नाथ मंदिर, बगिया पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की आराधना में सहभागी बनने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं के लिए आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी।
श्रावण मास में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान क्षेत्र में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगा। आयोजन के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाएगी।