जशपुर: आम की पेटियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 1.03 करोड़ का गांजा, दो फरार तस्कर उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार
जशपुर: जशपुर पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 207 किलो गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को जशपुर लाकर पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है
यह मामला 12 मई 2026 को चौकी दोकड़ा क्षेत्र में सामने आया था। पुलिस ने उस दौरान एक पिकअप वाहन से 207 किलो गांजा बरामद किया था। गांजे को कच्चे आम से भरे प्लास्टिक कैरेट के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। मामले में पुलिस ने पहले पिकअप चालक प्रेमनाथ सिंह को गिरफ्तार किया था।
आम की पेटियों के नीचे छिपा रखा था 207 किलो गांजा
पुलिस के अनुसार, 12 मई को चौकी दोकड़ा पुलिस को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की पिकअप में कच्चे आम लोड कर उनके नीचे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है।
सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए दोकड़ा क्षेत्र के ग्राम देवरी के पास नाकाबंदी की गई। संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक UP-70-RT-6633 को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन को तेज गति से कांसाबेल की ओर भगाने लगा।
कांसाबेल पुलिस ने ग्राम खुटेरा में नाकाबंदी की। पुलिस को देखकर चालक यू-टर्न लेकर पुसरा रोड होते हुए दोकड़ा की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए बगिया-दोकड़ा मुख्य मार्ग पर बहाल जोर के पास पिकअप को पकड़ लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर ट्रॉली में प्लास्टिक के कैरेट में कच्चे आम भरे मिले। आम हटाने पर नीचे खाकी रंग की प्लास्टिक टेप से लिपटे गांजे के पैकेट बरामद हुए। पुलिस ने 23 प्लास्टिक कैरेट में छिपाकर रखे 207 पैकेटों से कुल 207 किलो गांजा बरामद किया।
एक करोड़ 13 लाख से ज्यादा की जब्ती
पुलिस ने गांजा तस्करी में इस्तेमाल पिकअप वाहन, मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 1 करोड़ 13 लाख 60 हजार 550 रुपये की जब्ती की थी।
इसमें गांजे की अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 3 लाख 50 हजार रुपये, पिकअप वाहन की कीमत करीब 10 लाख रुपये, मोबाइल फोन की कीमत करीब 10 हजार रुपये और 550 रुपये नकद शामिल थे।
मामले में चौकी दोकड़ा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपी प्रेमनाथ सिंह को न्यायिक रिमांड पर पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
एंड-टू-एंड विवेचना में सामने आए अन्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, मामले की एंड-टू-एंड विवेचना के दौरान तस्करी में संलिप्त अन्य आरोपियों की पहचान की गई। इनमें शारदा केसरवानी और मनीष पासी शामिल थे, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
पुलिस उनकी लगातार पतासाजी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर सूचना और पुलिस की तकनीकी टीम की मदद से दोनों आरोपियों के प्रयागराज, उत्तर प्रदेश क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों फरार आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार कर जशपुर लाया।
दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शारदा केसरवानी (19 वर्ष), निवासी तरोल घटवा, थाना करछना, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश तथा मनीष पासी (28 वर्ष), निवासी हाथगन पुरवा खास, थाना घूरपुर, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में इनकी रही भूमिका
कार्रवाई में चौकी प्रभारी दोकड़ा उप निरीक्षक संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक इग्नेशियूस, आरक्षक सुरेंद्र यादव एवं जयप्रताप एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि दोकड़ा क्षेत्र में गांजा तस्करी के मामले में फरार दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की एंड-टू-एंड विवेचना जारी है और प्रकरण में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।