जशपुर: श्री जगन्नाथ महाप्रभु की आज निकलेगी भव्य रथयात्रा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निभाएंगे गजपति महाराजा की ऐतिहासिक परंपरा
जशपुर/दोकड़ा। जशपुर जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में आज से श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा महोत्सव-2026 का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक वैभव के साथ होगा। 16 जुलाई से 27 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस 12 दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, कथा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रथयात्रा को लेकर पूरे दोकड़ा क्षेत्र सहित जशपुर जिले में उत्सव जैसा वातावरण है और हजारों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
इस वर्ष की रथयात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक और विशेष होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जो श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा के गजपति महाराजा की परंपरा का निर्वहन करते हैं, अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ इस पावन अवसर पर उपस्थित रहेंगे। वे सदियों से चली आ रही गजपति महाराजा की परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर रथयात्रा का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय दोपहर 12 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा बगिया के लिए रवाना होंगे तथा दोपहर लगभग 1:35 बजे श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होगी, जिसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा प्रारंभ होगी।
मौसी बाड़ी तक निकलेगी भव्य रथयात्रा
भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा विराजमान रथ श्री मंदिर परिसर से निकलकर मिडिल स्कूल के समीप स्थित मौसी बाड़ी तक पहुंचेगा। इस दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। रथयात्रा में पारंपरिक झांकियां, कीर्तन मंडलियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखध्वनि, भक्ति संगीत और आदिवासी संस्कृति की पहचान कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ "जय जगन्नाथ" के जयघोष करते हुए रथयात्रा में शामिल होंगे।
भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम बनेगा दोकड़ा
रथयात्रा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। महोत्सव के दौरान स्थानीय कलाकारों, भजन मंडलियों और सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मंदिर परिसर और पूरे नगर को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और स्वागत द्वारों से सजाया गया है। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिलेगा।
17 से 21 जुलाई तक होगी पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा
रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत 17 जुलाई से 21 जुलाई तक पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में आयोजित इस कथा में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक एवं कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा, उनके अवतार, भक्तों के प्रति करुणा तथा सनातन संस्कृति के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करेंगे। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम
रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस बल की विशेष तैनाती, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, चिकित्सा सहायता, एम्बुलेंस, पेयजल, स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने और आयोजन समिति के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की है।
श्रद्धालुओं से महोत्सव में शामिल होने की अपील
श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा ने जिले सहित प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है। समिति का कहना है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और सनातन परंपराओं के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण अवसर है। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर यह आयोजन दोकड़ा को एक बार फिर प्रदेश की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनाएगा।