कैबिनेट के बड़े फैसले: बिजली, उद्योग, शिक्षा और किरायेदारी समेत 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी

कैबिनेट के बड़े फैसले: बिजली, उद्योग, शिक्षा और किरायेदारी समेत 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी

रायपुर, 9 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े 11 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, व्यापार को आसान बनाना, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, कर व्यवस्था को सरल करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय:

बिजली भुगतान के लिए आरबीआई के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी।

बस्तर फाइटर्स भर्ती एवं सेवा नियम, 2026 में संशोधन को मंजूरी।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन संबंधी कानून में संशोधन को स्वीकृति।

वैट संशोधन विधेयक को मंजूरी, वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त होगा और लंबित प्रकरण राजस्व मंडल को भेजे जाएंगे।

जीएसटी संशोधन विधेयक के जरिए कर प्रक्रिया और रिफंड व्यवस्था को सरल बनाया जाएगा।

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कानून में संशोधन कर निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने का निर्णय।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 को मंजूरी, जिससे व्यापार शुरू करने की प्रक्रियाएं सरल, डिजिटल और समयबद्ध होंगी। ऐसा कानून लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।

नवा रायपुर OTS योजना-2026 को मंजूरी, जिससे भूखंड आवंटियों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी।

जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा।

भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन कर मकान किराये पर देने और किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता आसान होगा।

राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

इन फैसलों से राज्य में निवेश, रोजगार, व्यापारिक सुगमता, कर प्रशासन, उच्च शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।