रायपुर: सरगुजा पर्यटन को नई पहचान दिलाने की पहल, फेम ट्रिप से पहले टूर ऑपरेटर्स ने अम्बिकापुर की होटल सुविधाओं का लिया अनुभव

रायपुर: सरगुजा पर्यटन को नई पहचान दिलाने की पहल, फेम ट्रिप से पहले टूर ऑपरेटर्स ने अम्बिकापुर की होटल सुविधाओं का लिया अनुभव

रायपुर: छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा सरगुजा संभाग को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने और पर्यटन उद्योग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित फेम ट्रिप के एक दिन पूर्व अम्बिकापुर में विशेष होटल भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों से आमंत्रित टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स को सरगुजा में उपलब्ध उत्कृष्ट आवासीय सुविधाओं, स्थानीय आतिथ्य परंपरा तथा पर्यटन के अनुकूल विकसित अधोसंरचना से परिचित कराना था, ताकि वे भविष्य में अधिक से अधिक देशी और विदेशी पर्यटकों को इस क्षेत्र की यात्रा के लिए प्रेरित कर सकें।

कार्यक्रम के तहत देशभर से पहुंचे टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स का होटल पर्पल आर्किड, अम्बिकापुर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तिलक लगाकर एवं स्वागत पेय के माध्यम से आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत के बाद अतिथियों को होटल की आधुनिक आवासीय व्यवस्था, सुसज्जित कमरों, स्वादिष्ट भोजन, बैंक्वेट हॉल, कॉन्फ्रेंस सुविधाओं तथा पर्यटकों के लिए उपलब्ध अन्य सेवाओं का विस्तृत अवलोकन कराया गया। होटल प्रबंधन ने अपने उत्कृष्ट आतिथ्य और सेवाओं के माध्यम से सरगुजा की समृद्ध मेहमाननवाजी की परंपरा से सभी को परिचित कराया।

दोपहर भोजन के पश्चात सभी अतिथियों को अम्बिकापुर के प्रतिष्ठित होटल माखन विहार ले जाया गया। यहां होटल प्रबंधन ने आधुनिक आवासीय सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, अतिथि सेवाओं तथा पर्यटकों के लिए उपलब्ध अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी। भ्रमण के दौरान टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स ने होटल की गुणवत्ता, सेवा स्तर और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे पर्यटन की दृष्टि से उपयुक्त बताया।

होटल भ्रमण के बाद होटल संचालकों द्वारा निशुल्क उच्च स्तरीय हाई-टी का आयोजन किया गया। इस दौरान सरगुजा संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों, जनजातीय संस्कृति, इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स ने पर्यटन विकास से जुड़े अपने सुझाव साझा करते हुए कहा कि यदि इस क्षेत्र का व्यवस्थित प्रचार-प्रसार किया जाए तो सरगुजा देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

प्रतिभागियों ने कहा कि सरगुजा संभाग प्रकृति, संस्कृति, विरासत और जनजातीय जीवन शैली का अद्भुत संगम है। यहां के प्राकृतिक पर्यटन स्थल, धार्मिक आस्था केंद्र और स्थानीय संस्कृति पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की फेम ट्रिप और परिचयात्मक भ्रमण से राष्ट्रीय स्तर पर सरगुजा की पहचान और मजबूत होगी तथा भविष्य में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां पहुंचेंगे।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की यह पहल केवल पर्यटन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प, स्वरोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से सरगुजा संभाग को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।