बस्तर में वर्षों से तैनात 2013 बैच के निरीक्षकों को स्थानांतरण का इंतजार, परिवारों ने उठाई मांग
रायपुर, 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे 2013 बैच के पुलिस निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के स्थानांतरण को लेकर पुलिस महकमे तथा उनके परिवारों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वर्षों तक कठिन और संवेदनशील परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाले अधिकारी अब अन्य संभागों या अपेक्षाकृत सामान्य क्षेत्रों में पदस्थापना की उम्मीद लगाए हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस के 2013 बैच के सीधे भर्ती उप निरीक्षक एवं निरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। इन अधिकारियों ने नक्सल विरोधी अभियानों, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के स्थानांतरण आदेशों में कई अधिकारियों का तबादला बस्तर संभाग के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में किया गया है। इससे ऐसे अधिकारियों और उनके परिवारों में निराशा की स्थिति बताई जा रही है, जो वर्षों से संभाग से बाहर पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पुलिस परिवारों का कहना है कि लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के कारण पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे अधिकारियों को अन्य जिलों में अवसर दिए जाने की अपेक्षा स्वाभाविक है।
हालांकि, इस विषय पर पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों को उम्मीद है कि भविष्य की स्थानांतरण नीति में लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के अनुभव और योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें अन्य संभागों में पदस्थापना का अवसर दिया जाएगा।
इस मुद्दे को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा जारी है और संबंधित अधिकारी आगामी स्थानांतरण नीति पर नजर बनाए हुए हैं।