श्रीमती कौशल्या साय जनजातीय परिवारों संग मनाया रक्षाबंधन, बच्चों को बांटे शैक्षणिक उपहार और पेड़ को बांधी राखी
जशपुरनगर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कुनकुरी तहसील क्षेत्र के बेहराखार अंतर्गत शंकरनगर पहुंचीं, जहां उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर एवं कोरवा समुदाय के लोगों के साथ आत्मीयता और स्नेह के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। उन्होंने समुदाय के बीच पहुंचकर महिलाओं और ग्रामीणों को राखी बांधी तथा सभी को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने जनजातीय परिवारों के साथ घुल-मिलकर समय बिताया और उनके सुख-दुख एवं जीवन से जुड़ी विभिन्न बातों पर आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि आपसी स्नेह, विश्वास और सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है।
बच्चों को दिए शिक्षा के लिए उपयोगी उपहार
रक्षाबंधन के अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने स्कूली बच्चों को स्कूल बैग, पेंसिल, पानी की बोतल और कॉपियां भेंट कीं। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जनजातीय परिवारों के साथ बैठकर किया वनभोज
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने बिरहोर एवं कोरवा समुदाय के परिवारों के साथ बैठकर वनभोज किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ सहज और आत्मीय वातावरण में भोजन किया तथा उनके साथ समय बिताया। इस दौरान जनजातीय समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया।
पेड़ की पूजा कर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
रक्षाबंधन पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए श्रीमती कौशल्या साय ने पेड़ की पूजा की और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने पेड़ को राखी बांधकर प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया। इसके बाद पौधरोपण भी किया गया।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन के माध्यम से सामाजिक समरसता, जनजातीय समुदाय के प्रति आत्मीयता, बच्चों की शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
बिरहोर एवं कोरवा समुदाय के बीच पहुंचकर श्रीमती कौशल्या साय द्वारा मनाया गया रक्षाबंधन पर्व ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया।
इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, सरपंच विश्वनाथ सिदार, बालमती बाई, अविनाश, वीरसिंह, जितेंद्र यादव, मिथुन यादव, करुणा यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।