जशपुर जिला चिकित्सालय में हुई जीवनदायिनी सर्जरी

जशपुर जिला चिकित्सालय में हुई जीवनदायिनी सर्जरी

कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन तथा जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में जिला चिकित्सालय जशपुर में आम नागरिकों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ निरंतर प्रदान की जा रही हैं। इसी क्रम में विगत माह दिसंबर 2025 के अंत में जिला चिकित्सालय जशपुर में एक्टोपिक प्रेग्रेंसी जैसी अत्यंत जटिल स्थिति से ग्रसित गर्भवती महिला की सफल सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एम. ममता साय द्वारा अस्थानिक गर्भावस्था अर्थात एक्टोपिक प्रेग्रेंसी से पीड़ित महिला का सफल ऑपरेशन किया गया। इस दौरान गर्भाशय के बाहर विकसित हो रहे अविकसित एवं मृत भ्रूण को सुरक्षित रूप से निकालकर माँ की जान बचाई गई। डॉ. साय ने बताया कि जब निषेचित अंडा गर्भाशय में स्थापित होने के बजाय फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, पेट या सर्विक्स में कहीं और विकसित होने लगता है तो उसे एक्टोपिक प्रेग्रेंसी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि लगभग 95 प्रतिशत मामलों में यह स्थिति फैलोपियन ट्यूब में पाई जाती है।

      डॉ. ममता साय ने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण फैलोपियन ट्यूब में रुकावट या सूजन होना होता है, जिसके चलते अंडा गर्भाशय तक नहीं पहुँच पाता। इस अवस्था के प्रमुख लक्षणों में पेल्विक क्षेत्र में भारीपन व खिंचाव, पेशाब या मल त्यागने में परेशानी, पेट के एक ओर तीव्र दर्द, योनि से असामान्य रक्तस्राव, चक्कर आना तथा कंधे में दर्द शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक्टोपिक प्रेग्रेंसी एक जानलेवा स्थिति है, जिसमें गर्भावस्था को जारी रखना संभव नहीं होता और त्वरित उपचार न मिलने पर महिला की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इस सफल सर्जरी में डॉ. एम. ममता साय के साथ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कलावती पटेल, निष्चेतना विशेषज्ञ डॉ. आकाश कुजूर एवं उनकी पूरी चिकित्सकीय टीम के साथ-साथ अस्पताल सलाहकार श्री राजेश कुरील की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला चिकित्सालय जशपुर की इस उपलब्धि से स्पष्ट होता है कि जिले में अब गंभीर से गंभीर प्रसूति संबंधी जटिलताओं का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव हो पा रहा है, जिससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं।