Car Insurance Claim Process in India: एक्सीडेंट होने पर इंश्योरेंस क्लेम कैसे लें?

भारत में हर दिन हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण लोग अपना Insurance Claim नहीं ले पाते। अगर आपके पास Valid Car Insurance Policy है,

Car Insurance Claim Process in India: एक्सीडेंट होने पर इंश्योरेंस क्लेम कैसे लें?

भारत में हर दिन हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण लोग अपना Insurance Claim नहीं ले पाते। अगर आपके पास Valid Car Insurance Policy है, तो एक्सीडेंट होने पर हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी (Insurance Company) करती है। लेकिन, क्लेम सेटलमेंट (Claim Settlement) की प्रक्रिया थोड़ी कानूनी और तकनीकी होती है।

इस आर्टिकल में हम आपको Car Insurance Claim Process और इसके कानूनी नियमों के बारे में विस्तार से बताएंगे, ताकि आप अपना पैसा आसानी से प्राप्त कर सकें।

1. एक्सीडेंट के तुरंत बाद क्या करें? (Immediate Steps After Accident)

एक्सीडेंट होने पर घबराने के बजाय, आपको तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए ताकि आपका Insurance Claim Reject न हो:

  • सबूत इकट्ठा करें (Collect Evidence): सबसे पहले अपनी गाड़ी और डैमेज (Damage) की फोटो और वीडियो लें। अगर सामने वाली गाड़ी की गलती है, तो उसका नंबर नोट करें।

  • FIR दर्ज कराएं (File an FIR): कानूनी रूप

  •  से, किसी भी सड़क दुर्घटना की सूचना पुलि

  • स को देना जरूरी है। Motor Accident Claims के लिए FIR की कॉपी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। अगर कोई शारीरिक चोट (Injury) आई है, तो FIR अनिवार्य है।

  • बीमा कंपनी को सूचित करें (Inform Insurance Company): एक्सीडेंट के 24 से 48 घंटे के भीतर अपनी Insurance Company को कॉल करके सूचना दें। देर करने पर क्लेम खारिज हो सकता है।

2. क्लेम के प्रकार (Types of Insuranc

e Claims)

बीमा क्लेम मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं:

  1. Cashless Claim: इसमें आपको अपनी गाड़ी कंपनी के नेटवर्क गैरेज (Network Garage) में ले जानी होती है। रिपेयरिंग का पैसा आपको नहीं, बल्कि सीधा इंश्योरेंस कंपनी गैरेज को देती है।

  2. Reimbursement Claim: इसमें आप अपनी मर्जी के किसी भी गैरेज में गाड़ी ठीक करवाते हैं, बिल का भुगतान खुद करते हैं, और बाद में कंपनी से Claim Reimbursement लेते हैं।

3. क्लेम के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट (Documents Required for Car Insurance Claim)

हाई क्लेम राशि (High Claim Amount) प्राप्त करने के लिए आ

पके पास ये डॉक्यूमेंट होने चाहिए:

  • Insurance Policy Bond (बीमा की कॉपी)

  • Driving License (DL) - ड्राइवर का लाइसेंस ओरिजिनल होना चाहिए।

  • Registration Certificate (RC) - गाड़ी के कागज।

  • FIR Copy (अगर थर्ड पार्टी डैमेज या चोरी का मामला है)।

  • Duly Filled Claim Form (क्लेम फॉर्म पर हस्ताक्षर)।

  • Repair Estimate (रिपेयरिंग का अनुमानित खर्च)।

4. क्लेम रिजेक्ट क्यों होता है? (Why Claims Get Rejected?)

कई बार Full Coverage Insurance होने के बाद भी क्लेम नहीं मिलता। इसके मुख्य कारण ये हैं:

  • Invalid Driving License: अगर ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं है।

  • Drunk Driving: अगर ड्राइवर नशे में गाड़ी चला रहा था, तो कानूनन कंपनी क्लेम देने के लिए बाध्य नहीं है।

  • Transfer of Ownership: अगर आपने सेकंड हैंड कार खरीदी है लेकिन पॉलिसी अपने नाम पर ट्रांसफर 

  • नहीं कराई है।

  • Commercial Use: अगर प्राइवेट कार का इस्तेमाल कमर्शियल (Business) काम के लिए हो रहा था।

5. Third-Party Insurance Claim क्या है?

भारतीय कानून (Motor Vehicles Act) के अनुसार, हर गाड़ी का Third-Party Insurance होना अनिवार्य है। अगर आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसका मुआवजा आपकी जेब से नहीं, बल्कि इंश्योरेंस कंपनी देती है। इसके लिए मामला Motor Accident Claims Tribunal (MACT) में जाता है।

Conclusion (निष्कर्ष)

Car Insurance Claim लेना मुश्किल नहीं है अगर आप सही प्रक्रिया और समय का पालन करें। हमेशा ध्यान रखें कि पॉलिसी रिन्यू (Renew) समय पर कराएं और No Claim Bonus (NCB) का फायदा उठाएं। कानून की सही जानकारी ही आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या FIR के बिना इंश्योरेंस क्लेम मिल सकता है? Ans: अगर केवल आपकी गाड़ी पर खरोंच (Scratch/Dent) आई है, तो FIR जरूरी नहीं है। लेकिन अगर एक्सीडेंट बड़ा है, चोरी हुई है या कोई घायल हुआ है, तो FIR अनिवार्य है।

Q2: इंश्योरेंस क्लेम कितने दिनों में मिल जाता है? Ans: यह आपकी कंपनी और सर्वेयर (Surveyor) पर निर्भर करता है। आमतौर पर Cashless Claim 3-7 दिनों में और Reimbursement Claim 15-30 दिनों में सेटल हो जाता है।

Q3: क्या पुराना इंश्योरेंस खत्म होने के बाद क्लेम मिलेगा? Ans: नहीं, अगर पॉलिसी एक्सपायर (Expire) हो चुकी है, तो कंपनी कोई क्लेम नहीं देगी। इसलिए Policy Renewal Date याद रखें।