राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम: मनोरा में छः दिवसीय पीयर एजुकेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम: मनोरा में छः दिवसीय पीयर एजुकेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा जिलें में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 21 जनवरी से विकासखंड मनोरा में छः दिवसीय पीयर एजुकेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 

पीयर एजुकेटर प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरों 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा के साथ काम करने की आपार संभावनाओं व किशोरों में स्वास्थ्य एवं कल्याण के संबंध में सोच-समझकर और जिम्मेदारी पूर्ण निर्णय लेने कि क्षमता विकसित करना है। पीयर एजुकेटर समुदाय से चयनित एैसे किशोर और किशोरी होते है जो शरीर के विकास के चरण में अनेक चुनौतियों का सामना करने तथा उपलब्ध अवसरों का बेहतरीन संभव ढंग से उपयोग करने में अन्य किशोर-किशोरियों का मार्गदर्शन व मदद करते है। 

  प्रशिक्षण राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत् किशोरों केे लिए, समुदाय में उपलब्ध सरकारी अस्पतालों-औषधालयों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के जरिए दी जाने वाली विविध प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराता है। कार्यक्रम किशोरों में अनुकूल सोच, किशोर और किशोरियों की स्वास्थ्य परेशानियों का समाधान करने के लिए उन्हे कौशल क्षमता उपलब्ध कराता है। इस कार्यक्रम के तहत् छः महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसेः- पोषण, यौन स्वास्थ्य, असंचारी रोग, मादक पदार्थाें का दुरूपयोग, चोट, हिंसा, मानसिक स्वास्थ्य आदि के प्रति पीयर एजुकेटर प्रशिक्षण के माध्यम से किशोर और किशोरियों को प्रशिक्षित कर समुदाय में दृष्टिगत उक्त मामलों में हस्तक्षेप कर उचित शिक्षा व जागरूकता फैलाना है।

  पीयर एजुकेटर प्रशिक्षण के तहत् कुल 40 प्रतिभागियों जिसमंे 32 (शाला प्रवेसी-शाला त्यागी) विद्यार्थी तथा 08 मितानिन को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण मे उपस्थित प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप कार्यक्रम के तहत् बैग, टीशर्ट एवं कैप प्रदान किया गया। प्रशिक्षण प्राप्ति उपरांत पीयर एजुकेटर प्रत्येक तीन माह में एक बार अपने गॉव में किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित करने के लिए फ्रंटलाईन हेल्थ वर्कर्स और अन्य के साथ काम करेंगे। किषोर स्वास्थ्य दिवस का उद्देष्य किशोरों को पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और बाल विवाह के खतरों के बारे में जागरूक करना है। उक्त प्रशिक्षण के सफल आयोजन में प्रशिक्षक दल सहित कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ अरविंद रात्रे, श्रीमती निधी सिंह, श्री आनंद लकड़ा, सुश्री करिश्मा चौहान आदि के द्वारा महत्वपुर्ण भुमिका निभायी।