सरगुजा: हिंदी न जानने पर बच्चे को प्रवेश से रोका, प्रशासन सख्त—स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना, मान्यता रद्द ,भाषा के आधार पर भेदभाव पड़ा भारी, जिला शिक्षा अधिकारी का बड़ा एक्शन
अंबिकापुर, 19 अप्रैल 2026। सरगुजा जिले में एक निजी स्कूल द्वारा हिंदी न जानने के आधार पर मासूम बच्चे को प्रवेश देने से इनकार करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चोपड़ा पारा स्थित स्वर्ग किड्स एकेडमी (पेशानी एजुकेशन सोसायटी) पर 1 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है और संस्थान की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
जारी आदेश में बताया गया है कि सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों में यह मामला सामने आया था, जिसमें आरोप था कि लगभग 4 वर्षीय बच्चे को केवल इसलिए स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया क्योंकि वह हिंदी भाषा नहीं जानता था। इस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने जांच कराई, जिसमें यह तथ्य सही पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार की है। इसके साथ ही यह स्पष्ट हुआ कि संस्था बिना वैध मान्यता के संचालित हो रही थी, जो कि नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि किसी भी बच्चे के साथ भाषा के आधार पर भेदभाव करना नई शिक्षा नीति 2020 और नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के विपरीत है, जो पूर्णतः अनुचित और अस्वीकार्य है।
प्रशासन ने संबंधित संस्था पर 1 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित करते हुए स्कूल का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे प्रभावित बच्चों के पालकों से संपर्क कर उन्हें अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।