केंद्रीय विद्यालय जशपुर में प्रवेश धांधली की गूंज अब दिल्ली तक: भाजपा नेता शिवप्रकाश तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र, उच्च स्तरीय जाँच की मांग
जशपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के जशपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में व्याप्त कथित अनियमितताओं का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच गया है।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री शिवप्रकाश तिवारी ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के शिक्षा मंत्री माननीय श्री धर्मेंद्र प्रधान जी को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय केंद्रीय जाँच की मांग की है।
श्री तिवारी ने अपने पत्र में विद्यालय प्रशासन और प्राचार्य पर केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के स्थापित नियमों की धज्जियाँ उड़ाने और अपारदर्शी तरीके से प्रवेश देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र के मुख्य बिंदु:
भाजपा नेता ने शिक्षा मंत्री को अवगत कराया कि जशपुर जैसे जनजातीय बाहुल्य जिले में मेधावी, गरीब और विशेषकर सैन्य एवं शासकीय परिवारों के बच्चे अपने हक से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने पत्र में निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रीय सतर्कता दल द्वारा गहन जाँच की अपेक्षा की है:
डेटा और ऑनलाइन रिकॉर्ड की जाँच: प्रवेश पोर्टल पर प्राप्त श्रेणीवार (श्रेणी 1 से 5) आवेदनों और वास्तव में दिए गए प्रवेशों का मिलान किया जाए। अंतिम समय में डेटा में किए गए किसी भी 'हस्तचालित बदलाव' (Manual changes) की तकनीकी जाँच हो।
प्रतीक्षा सूची का उल्लंघन: ऐसी शिकायतें मिली हैं जहाँ मुख्य प्रतीक्षा सूची में ऊपर स्थित छात्रों को सूचना दिए बिना, पिछले दरवाजे से कम वरीयता वाले छात्रों को प्रवेश दे दिया गया है।
स्थानांतरण रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन: श्रेणी-1 और 2 के तहत लाभ लेने वाले अभिभावकों के पिछले 7 वर्षों के स्थानांतरण प्रमाणपत्रों की सत्यता की जाँच की जाए, जिसमें हेरफेर की प्रबल संभावना है।
RTE कोटे में दूरी संबंधी धांधली: शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निर्धारित 5 किलोमीटर की परिधि के नियमों का उल्लंघन कर फर्जी निवास प्रमाणपत्रों के आधार पर हुए प्रवेशों का मौके पर सत्यापन हो।
रिक्त सीटों का प्रबंधन: सत्र प्रारंभ होने के बाद जानबूझकर कुछ सीटों को 'रिक्त' दिखाकर उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया पर अंकुश लगाया जाए।
कलेक्टर को भी सौंपा गया ज्ञापन
उल्लेखनीय है कि श्री शिवप्रकाश तिवारी ने इस संबंध में जिला कलेक्टर, जशपुर को भी एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर मिल रही निरंतर शिकायतों और साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि 'प्राथमिकता क्रम' को दरकिनार कर अपारदर्शी ढंग से प्रवेश दिए गए हैं।
पारदर्शिता और छात्र हित सर्वोपरि
श्री तिवारी ने कहा, "जशपुर जैसे दूरस्थ अंचल में केंद्रीय विद्यालय शिक्षा का एकमात्र उत्कृष्ट केंद्र है। यदि यहाँ के प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी अनुचित कार्यों में लिप्त होंगे, तो इससे सरकार की 'पारदर्शी शिक्षा नीति' की छवि धूमिल होती है। हमारा उद्देश्य केवल छात्र हित और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है।"
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और जिला प्रशासन इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर एक विशेष जाँच दल नियुक्त करेंगे, ताकि दोषी अधिकारियों पर कठोर प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित हो सके और योग्य बच्चों को उनका अधिकार मिल सके।