अंजुमन इस्लामिया जशपुर का निर्णय: नशे और अवैध कारोबार में लिप्त परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी

अंजुमन इस्लामिया जशपुर का निर्णय: नशे और अवैध कारोबार में लिप्त परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी

जशपुर:- जशपुर जिले में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे प्रभावित हो रही पारिवारिक व सामाजिक परिस्थितियों को लेकर अंजुमन इस्लामिया जशपुर ने कड़ा रुख अपनाया है। जुम्मा की नमाज से पूर्व समाज को संबोधित करते हुए संगठन के सदर महबूब अंसारी ने स्पष्ट कहा कि जिन घरों में नशाखोरी या मादक पदार्थों का अवैध व्यापार किया जा रहा है, ऐसे परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भटकाव के लिए केवल समाज नहीं, बल्कि परिवार भी समान रूप से जिम्मेदार है। बच्चे जितना समय घर में बिताते हैं, उतना समाज के बीच नहीं रहते, इसलिए अभिभावकों की जिम्मेदारी अधिक बढ़ जाती है। देर रात तक घर से बाहर रहना, गलत संगत और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होना चिंता का विषय है।

सदर महबूब अंसारी ने कहा कि यदि परिवारों को अपने बच्चों की आय के स्रोत और गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद वे मौन रहते हैं, तो यह भी गंभीर लापरवाही है। उन्होंने समाज को चेताया कि एक युवक की गलती से पूरे समाज की छवि प्रभावित होती है, इसलिए प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों के आचरण और गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

बैठक में शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस धर्म में ज्ञान और अध्ययन को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, वहां शिक्षा से दूरी बनाना समाज के भविष्य के लिए घातक है। स्कूल स्तर पर ही पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और उच्च शिक्षा तक बहुत कम युवा पहुंच पा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुधार केवल संगठन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि परिवारों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बच्चों को बेहतर शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक दिशा देने की जिम्मेदारी सबसे पहले अभिभावकों की है।

अंजुमन इस्लामिया ने समाज से अपील की है कि नशे और अवैध गतिविधियों से दूरी बनाते हुए शिक्षा व नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दें, ताकि जशपुर का सामाजिक वातावरण स्वस्थ और सकारात्मक बना रहे।