जशपुर: मिर्च का भाव गिरने से किसान परेशान " किसान मिर्च फेकने को हुए मजबूर" सन्ना तहसील क्षेत्र में प्रतिवर्ष सैकड़ों एकड़ में होती है खेती... पढ़िए पूरी खबर
जशपुर सन्ना:- जशपुर जिले के सन्ना को मिर्च की राजधानी कहा जाता है ऐसा इसलिए क्योंकि सन्ना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किसान मिर्च की खेती करते हैं, और यहां से अलग अलग राज्यों के मंडी तक पहुंचता है
इस बीच हरा मिर्च का भाव लुढ़कने से उत्पादकों में मायूसी छा गई है। सन्ना क्षेत्र से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा रहा है की एक पिकअप में लोड सन्ना स्थित इब नदी के पुलिया में सैकड़ों बोरी मिर्च को नदी में फेंक रहे हैं बताया जा रहा है कि मंडी में मिर्च नहीं जा पा रहा है जिससे किसानों को सही भाव नही मिल रहा है जिस वजह से किसान अब मिर्च को फेंकने को मजबूर हो गए हैं आगे बाजार कैसा रहेगा ये तो भविष्य के गर्भ में है, किंतु अभी की स्थिति देखने से ऐसा लग रहा है। हरा मिर्च का भाव आगे अच्छा नहीं हुआ तो अगले साल से किसान हरी मिर्च की खेती का रकबा कम करने पर मजबूर हो जाएंगे।
खरीददार कम होने के कारण भाव में आई कमी
उल्लेखनीय है कि सन्ना तहसील क्षेत्र के पंडरा पाठ, डूमर कोना, छिछली, एकंबा, हर्रा डीपा, नन्हेसर, कैलाश गुफा क्षेत्र, गायबुडा, देव डांड घोरडेगा, रौनी समेत दर्जनों गांव के दियारे में सैकड़ों एकड़ हरी मिर्च की खेती किसानों ने किया है। हरा मिर्च निकलने लगा है। किंतु किसी कारण भाव लुढ़क गया है। एक माह पहले 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिक रहा हरी मिर्च इस समय खरीददार कम होने से 5 रु में भी खरीदने को तैयार नहीं है । जिससे किसानों को बहुत नुकसान सहना पड़ रहा है ।


जशपुर जिले में अगर भंडारण व विदेश निर्यात की सुविधा प्राप्त हो जाए, तो यहां के किसान हरा मिर्च की खेती करके मालामाल हो जाएंगे। क्योंकि उत्पादन तो इस क्षेत्र में हो रहा है। किंतु किसानों को बाजार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से मुवायना कर मुवावजे की मांग किए हैं।
सन्ना के लोरो में है मिर्च प्रोसेसिंग यूनिट
जशपुर जिले के पठारी क्षेत्रों में हर साल हजारों हेक्टेयर में मिर्च की खेती होती है. पठारी क्षेत्र के हजारों किसान हर साल मिर्च की खेती करते हैं और मिर्च का बम्पर उत्पादन इस क्षेत्र में होता है. मिर्च के उत्पादन को देखते हुए सन्ना क्षेत्र में 8 साल पहले 1 करोड़ की लागत से मिर्च प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की गई थी. लेकिन 8 साल बाद भी इस प्रोसेसिंग यूनिट में ताला लटका हुआ है और यह प्रोसेसिंग यूनिट सफेद हाथी साबित हो रहा है ।
वहीं आज के बाजार भाव के बात करें तो 8 से 12 रु तक मार्केट रेट है, अलग अलग मिर्च की वेराइटी में भाव का प्रभाव पड़ता है । बीते दिन 3 से 5 रु तथा रविवार को 1से 2 रु मार्केट रेट था ।