कारोबारी से मारपीट के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, आक्रोश

निष्पक्ष जांच की मांग छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद,11अगस्त। सरायपाली नगर के मध्य व थाना से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित नरेश अग्रवाल के घर में विगत दिनों रात्रि 9 बजे पांच व्यक्ति प्रवेश कर घर के सभी सदस्यों के साथ मारपीट, गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी की घटना के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो जनाक्रोश भडक़ गया। कल सैकड़ों की संख्या में व्यापारी व नगरवासी थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग करते हुए पीडि़त नरेश अग्रवाल के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। वहीं पीडि़त ने न्याय नहीं मिलने पर ठोस कदम उठाने की भी बात कही है। इस दौरान थाना प्रभारी प्रवीण चौहान ने आक्रोशित लोगों से चर्चा करने थाना से बाहर आकर बात सुनी व चर्चा कर त्वरित व नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। आक्रोशित लोगों ने टीआई से मांग की कि घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है। अत:शेष आरोपियों को वीडियो फुटेज के आधार पर 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए। पीडि़त नरेश अग्रवाल के विरुद्ध आरोपियों की ओर से की गई शिकायत से पूरा शहर आश्चर्यचकित है। अत: उक्त शिकायत को झूठी शिकायत कहते हुए उसका निष्पक्ष जांच करने और पीडि़त नरेश अग्रवाल व उनके परिवार की अवैध गिरफ्तारी से सुरक्षा एवं संरक्षण करें। उन्होंने कहा कि यदि कर्रवाई निश्चित समायावधि पर न हो तो व्यापारी संघ व शहरवासी आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। थाना पहुंचे व्यापारियों का आरोप है कि नगर में अवैध रूप से नशीली दवाइयों, गांजा, इंजेक्शन, जुआ, शराब आदि की सप्लाई बेतहाशा हो रही है। पुलिस प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। इस प्रकरण में जिस तरह पुलिस ने कार्रवाई की है वह निंदनीय है। घटना से संबंधित धाराओं की अनदेखी कर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस को पता है कि किसके सरंक्षण में अवैध कार्य होते हैं। ऐसे पुलिस कर्मियों की शिकायत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री व पुलिस प्रमुख से की जाकर इन्हें थाने से हटाए जाने की मांग की जाएगी। इस वक्त समुचित कार्रवाई के अभाव में ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हैं। लाोग अब तो घर में घुसकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। नगरवासियों व व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए टीआई प्रवीण चौहान ने आश्वस्त करते हुए कहा कि आप सभी की शिकायतों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के विरोध में आंदोलन को लेकर एक समिति का गठन किया गया है। निर्णय अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। 15 सदस्यीय उक्त समिति में अमर बग्गा, संजय शर्मा, भोजराज अग्रवाल, संजय अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, गुंजन अग्रवाल, चंद्रकुमार पटेल शामिल हैं। इनका कहना है कि इस घटना में पुलिस कार्रवाई से नाराज नगर के व्यापारी महासंघ, सरायपाली व्यापारी संघ, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, अग्रवाल समाज और नगरवासियों ने अग्रवाल धर्मशाला में एक संयुक्त बैठक लेकर कई निर्णय लिया है। व्यापारियों व नगरवासियों से चर्चा करने के दौरान ही पिथौरा के एसडीओपी प्रेम साहू भी वहां पहुंचे थे। सरायपाली एसडीओपी की अनुपस्थिति में प्रेम साहू से पीडि़त नरेश अग्रवाल और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ चर्चा हुई थी। चर्चा में प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि पुलिस द्वारा पीडि़त नरेश अग्रवाल के खिलाफ ही कार्रवाई की गई है जो निरस्त किया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित 300 सदस्यों ने नगर की बिगड़ती हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यदि बिगड़ती हालात को कंट्रोल नहीं किया गया तो दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बन्द की जाएगी।

कारोबारी से मारपीट के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, आक्रोश
निष्पक्ष जांच की मांग छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद,11अगस्त। सरायपाली नगर के मध्य व थाना से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित नरेश अग्रवाल के घर में विगत दिनों रात्रि 9 बजे पांच व्यक्ति प्रवेश कर घर के सभी सदस्यों के साथ मारपीट, गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी की घटना के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो जनाक्रोश भडक़ गया। कल सैकड़ों की संख्या में व्यापारी व नगरवासी थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग करते हुए पीडि़त नरेश अग्रवाल के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। वहीं पीडि़त ने न्याय नहीं मिलने पर ठोस कदम उठाने की भी बात कही है। इस दौरान थाना प्रभारी प्रवीण चौहान ने आक्रोशित लोगों से चर्चा करने थाना से बाहर आकर बात सुनी व चर्चा कर त्वरित व नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। आक्रोशित लोगों ने टीआई से मांग की कि घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है। अत:शेष आरोपियों को वीडियो फुटेज के आधार पर 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए। पीडि़त नरेश अग्रवाल के विरुद्ध आरोपियों की ओर से की गई शिकायत से पूरा शहर आश्चर्यचकित है। अत: उक्त शिकायत को झूठी शिकायत कहते हुए उसका निष्पक्ष जांच करने और पीडि़त नरेश अग्रवाल व उनके परिवार की अवैध गिरफ्तारी से सुरक्षा एवं संरक्षण करें। उन्होंने कहा कि यदि कर्रवाई निश्चित समायावधि पर न हो तो व्यापारी संघ व शहरवासी आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। थाना पहुंचे व्यापारियों का आरोप है कि नगर में अवैध रूप से नशीली दवाइयों, गांजा, इंजेक्शन, जुआ, शराब आदि की सप्लाई बेतहाशा हो रही है। पुलिस प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। इस प्रकरण में जिस तरह पुलिस ने कार्रवाई की है वह निंदनीय है। घटना से संबंधित धाराओं की अनदेखी कर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस को पता है कि किसके सरंक्षण में अवैध कार्य होते हैं। ऐसे पुलिस कर्मियों की शिकायत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री व पुलिस प्रमुख से की जाकर इन्हें थाने से हटाए जाने की मांग की जाएगी। इस वक्त समुचित कार्रवाई के अभाव में ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हैं। लाोग अब तो घर में घुसकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। नगरवासियों व व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए टीआई प्रवीण चौहान ने आश्वस्त करते हुए कहा कि आप सभी की शिकायतों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के विरोध में आंदोलन को लेकर एक समिति का गठन किया गया है। निर्णय अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। 15 सदस्यीय उक्त समिति में अमर बग्गा, संजय शर्मा, भोजराज अग्रवाल, संजय अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, गुंजन अग्रवाल, चंद्रकुमार पटेल शामिल हैं। इनका कहना है कि इस घटना में पुलिस कार्रवाई से नाराज नगर के व्यापारी महासंघ, सरायपाली व्यापारी संघ, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, अग्रवाल समाज और नगरवासियों ने अग्रवाल धर्मशाला में एक संयुक्त बैठक लेकर कई निर्णय लिया है। व्यापारियों व नगरवासियों से चर्चा करने के दौरान ही पिथौरा के एसडीओपी प्रेम साहू भी वहां पहुंचे थे। सरायपाली एसडीओपी की अनुपस्थिति में प्रेम साहू से पीडि़त नरेश अग्रवाल और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ चर्चा हुई थी। चर्चा में प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि पुलिस द्वारा पीडि़त नरेश अग्रवाल के खिलाफ ही कार्रवाई की गई है जो निरस्त किया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित 300 सदस्यों ने नगर की बिगड़ती हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यदि बिगड़ती हालात को कंट्रोल नहीं किया गया तो दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बन्द की जाएगी।