रायगढ़: आखिर किस तनाव ने पिता को बना दिया हैवान… 6 वर्षीय मासूम की कुएं में डुबोकर हत्या

रायगढ़: आखिर किस तनाव ने पिता को बना दिया हैवान… 6 वर्षीय मासूम की कुएं में डुबोकर हत्या

रायगढ़, 11 फरवरी 2026। जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जामढोंढी भदरापारा में एक अत्यंत दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। घरेलू विवाद और मानसिक तनाव के चलते एक पिता ने अपने ही छह वर्षीय पुत्र को कुएं में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर 24 घंटे के भीतर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 15 निवासी विनोद महेश्वरी (30 वर्ष) अपनी पत्नी से अलग रह रहा था और दो छोटे पुत्रों के साथ निवास कर रहा था। पारिवारिक विवाद के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव में बताया जा रहा है। रविवार 8 फरवरी की शाम लगभग 6 बजे वह अपने छोटे पुत्र के साथ घर के सामने देखा गया था।

अगली सुबह जब उसके भाई मनोज महेश्वरी निर्माणाधीन मकान के पीछे स्थित कुएं के पास टुल्लू पंप चालू करने पहुंचे, तब कुएं के भीतर से विनोद की आवाज सुनाई दी। लोगों को बुलाकर पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने अपने छोटे बेटे को हत्या की नीयत से कुएं में फेंक दिया और स्वयं अंदर उतरकर पानी में डुबोकर उसकी जान ले ली।

घटना की सूचना मिलते ही थाना लैलूंगा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। आरोपी और मृत बालक को कुएं से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई की गई। मामले में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 38/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विनोद महेश्वरी, पिता स्व. मोहनराम महेश्वरी, निवासी वार्ड क्रमांक 15 ग्राम जामढोंढी भदरापारा, थाना लैलूंगा को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव एवं उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही।

 एसएसपी का कड़ा संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और अमानवीय कृत्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। घरेलू विवाद या मानसिक तनाव हिंसा का औचित्य नहीं बन सकता। ऐसे जघन्य अपराधों पर रायगढ़ पुलिस कठोर एवं त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करती रहेगी। कानून से ऊपर कोई भी नहीं है।