लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में ShahRukh Khan हुए सम्मानित, इस अवॉर्ड को पाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को स्विट्जरलैंड में हुए 77th लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में Pardo Alla Carriera लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। शाहरुख इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय सितारे बन चुके हैं। इस दौरान अभिनेता ने अपने आकर्षण से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण शाहरुख का भाषण था। उन्होंने अपना सिग्नेचर पोज देते हुए कहा, आप सबका इतनी बड़ी बाहों से मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद। अपने भाषण के दौरान शाहरुख ने फेस्टिवल के स्थान की भी प्रशंसा कर कहा, यह लोकार्नो का एक बेहद सुंदर, बहुत सांस्कृतिक, बहुत कलात्मक और बेहद गर्म शहर है। इतने सारे लोग एक छोटे से चौक में खचाखच भरे हुए हैं और इतनी गर्मी है। यह बिल्कुल भारत में अपने घर जैसा है। इसके बाद अभिनेता शाहरुख खान ने सिनेमा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, मैं सच में मानता हूं कि सिनेमा हमारे युग का सबसे गहरा और प्रभावशाली कलात्मक माध्यम रहा है। मुझे कई वर्षों तक इसका हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है और इस सफर ने मुझे कुछ सीख भी दी है। उन्होंने आगे कहा, कला जीवन को सबसे ऊपर रखने का कार्य है। यह हर मानव निर्मित सीमा से परे मुक्ति के स्थान पर जाती है। इसे राजनीतिक होने की जरूरत नहीं है। इसे विवादास्पद होने की जरूरत नहीं है। इसे उपदेश देने की जरूरत नहीं है। इसे बौद्धिक होने की जरूरत नहीं है। इसे नैतिकता की जरूरत नहीं है। इसके बाद शाहरुख ने अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए दर्शकों से वादा किया की वह हमेशा अपनी सीमाओं से आगे बढ़ेंगे।

लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में ShahRukh Khan हुए सम्मानित, इस अवॉर्ड को पाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को स्विट्जरलैंड में हुए 77th लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में Pardo Alla Carriera लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। शाहरुख इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय सितारे बन चुके हैं। इस दौरान अभिनेता ने अपने आकर्षण से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण शाहरुख का भाषण था। उन्होंने अपना सिग्नेचर पोज देते हुए कहा, आप सबका इतनी बड़ी बाहों से मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद। अपने भाषण के दौरान शाहरुख ने फेस्टिवल के स्थान की भी प्रशंसा कर कहा, यह लोकार्नो का एक बेहद सुंदर, बहुत सांस्कृतिक, बहुत कलात्मक और बेहद गर्म शहर है। इतने सारे लोग एक छोटे से चौक में खचाखच भरे हुए हैं और इतनी गर्मी है। यह बिल्कुल भारत में अपने घर जैसा है। इसके बाद अभिनेता शाहरुख खान ने सिनेमा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, मैं सच में मानता हूं कि सिनेमा हमारे युग का सबसे गहरा और प्रभावशाली कलात्मक माध्यम रहा है। मुझे कई वर्षों तक इसका हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है और इस सफर ने मुझे कुछ सीख भी दी है। उन्होंने आगे कहा, कला जीवन को सबसे ऊपर रखने का कार्य है। यह हर मानव निर्मित सीमा से परे मुक्ति के स्थान पर जाती है। इसे राजनीतिक होने की जरूरत नहीं है। इसे विवादास्पद होने की जरूरत नहीं है। इसे उपदेश देने की जरूरत नहीं है। इसे बौद्धिक होने की जरूरत नहीं है। इसे नैतिकता की जरूरत नहीं है। इसके बाद शाहरुख ने अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए दर्शकों से वादा किया की वह हमेशा अपनी सीमाओं से आगे बढ़ेंगे।