जशपुर: कृपा शंकर भगत प्रकरण में प्रेस क्लब की बैठक, प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से की पारदर्शी जांच की मांग

जशपुर: कृपा शंकर भगत प्रकरण में प्रेस क्लब की बैठक, प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से की पारदर्शी जांच की मांग

जशपुरनगर, 26 फरवरी 2026। सोशल मीडिया पर प्रसारित विवादित वीडियो और ऑडियो को लेकर प्रकाशित समाचारों के बाद भाजपा नेता कृपा शंकर भगत द्वारा पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत ने जिले में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जशपुर के पत्रकारों में गहरी नाराजगी देखी गई और उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया।

शहर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस क्लब की विशेष बैठक में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। बैठक में कहा गया कि समाचारों का संकलन कर उन्हें जनता और शासन-प्रशासन तक पहुंचाना मीडिया का मूल दायित्व है। यदि किसी प्रकाशित खबर से असहमति है तो उसका वैधानिक समाधान उपलब्ध है, लेकिन सीधे पत्रकारों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराना अनुचित और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है।

पत्रकारों ने यह भी उल्लेख किया कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो में कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा और हिंसक धमकी जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। आरोप लगाया गया कि बयान के दौरान उरांव समाज पर टिप्पणी करते हुए स्थानीय बोली का हवाला दिया गया, जिससे जशपुर की सामाजिक छवि प्रभावित हुई है। बैठक में इसे गंभीर विषय बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

बैठक के बाद पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल एकजुट होकर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह से मिला और पूरे प्रकरण की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि पत्रकार तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा किसी भी प्रकार के दबाव या भय से विचलित नहीं होंगे।

बैठक में प्रेस क्लब अध्यक्ष विकास पाण्डेय सहित एन. नवीन ओझा, निरंजन मोहंती, रुद्र दामन पाठक, विक्रांत पाठक, राजेश पाण्डेय, प्रशांत सहाय, अमानुल्ला मलिक, शिवकुमार यादव, गणेश साहु, कुंदन सिंह, दीपक सिंह, तनवीर आलम, एजाज खान, सुनील सिन्हा, संतोष बौधरी, मुकेश नायक, सागर जोगी, आशिष मिश्रा, खुर्शीद कुरैशी, संजीत यादव और रवींद्र थवाईत सहित कुल 24 पत्रकार उपस्थित रहे।

इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति और मीडिया जगत में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई हैं।