फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाले को 3 साल की सजा और 5000 रुपये का जुर्माना..... पढ़िए पूरी खबर
जांजगीर चांपा में कोर्ट अहम फैसला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी क्लर्क की नौकरी हासिल करने वाले आरोपी को अदालत ने 3 साल की सजा और 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फैसला प्रथम सत्र न्यायाधीश श्रीमती सीमा कंवर ने सुनाया।आरोपी रामकृष्ण राठौर ने 12वीं की अंकसूची में कूट रचना कर सरकारी क्लर्क की नौकरी प्राप्त की थी। इस मामले में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420,467,468, 471 और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
