जशपुर : पंडरापाठ में 20 करोड़ 53 लाख रु की लागत से बनेगा आर्चरी सेंटर " सरकार का NTPC के साथ हुआ एग्रीमेंट... पढ़िए पूरी खबर

जशपुर : पंडरापाठ में 20 करोड़ 53 लाख रु की लागत से बनेगा आर्चरी सेंटर " सरकार का NTPC के साथ हुआ एग्रीमेंट... पढ़िए पूरी खबर

जशपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के तहसील सन्ना पंडरापाठ में एक अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) स्थापित करने की घोषणा करते हुए मंगलवार, 28 अक्टूबर को एनटीपीसी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते के तहत एनटीपीसी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि इस अकादमी के निर्माण के लिए प्रदान करेगा।

यह समझौता मुख्यमंत्री के कैम्प कार्यालय बगिया, जशपुर में हुआ, जो जिले के खेल और युवा विकास के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आर्चरी सेंटर सन्ना तहसील के पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र होगा, जिसमें आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र, कौशल विकास केंद्र और जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी की सुविधा होगी। साथ ही प्रशिक्षण मैदान भी तैयार किया जाएगा।

रोजगार, पर्यटन और आर्थिक विकास का अवसर मिलेगाः सीएम ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में "खेलो इंडिया" के नए प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। बिलाश मोहंती ने कहा कि यह परियोजना उनके सीएसआर के तहत खेल और शिक्षा के क्षेत्र में कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, एनटीपीसी के निशांत बंसल, गैरिक गुरु, समीर बड़ा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

तीरंदाजी में कई संभावनाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि जशपुर जिले के युवाओं में तीरंदाजी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह अकादमी उन प्रतिभाशाली युवाओं को सही मंच प्रदान करेगी, जो अब तक संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए घोषित पुरस्कार योजना को दोहराते हुए बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपए की रीशि, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपए साथ ही कांस्य पदक विजेताओं को भी 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।